बिहार में मौसम का कहर: पटना समेत 10 जिलों में तेज बारिश, कई जगह तबाही के हालात

पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार को राजधानी पटना समेत राज्य के 10 जिलों में तेज बारिश और आंधी-तूफान ने लोगों को चौंका दिया। कटिहार में महज एक घंटे की बारिश ने सड़कों को जलमग्न कर दिया, वहीं मुजफ्फरपुर में पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई।
तेज हवाओं और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड के ठाढ़ी गांव में स्थित प्राचीन महादेव मंदिर का गुंबद तेज हवा के चलते ध्वस्त हो गया। इधर पटना में दोपहर 3 बजे ही अंधेरा छा गया और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत तो मिली, लेकिन ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई।
कई जिलों में झमाझम बारिश, मौसम विभाग का अलर्ट
मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा और छपरा जैसे इलाकों में भी भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने बिहार के सभी जिलों के लिए आगामी तीन घंटे के भीतर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
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24 जिलों में यलो अलर्ट
अगले 48 घंटों तक तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम, असर पूरे बिहार में
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, असम और उसके आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने के साथ ही बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का क्षेत्र विकसित हुआ है। इसका असर बिहार के अधिकांश जिलों में देखा जा रहा है, जिससे मौसम लगातार बिगड़ रहा है।
13 अप्रैल तक जारी रहेगा अलर्ट, हवाओं की रफ्तार 60 किमी/घंटा तक
मौसम विभाग ने बताया कि 13 अप्रैल तक बिहार के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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पश्चिमी बिहार के कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर और औरंगाबाद में मौसम फिलहाल सामान्य रहने की उम्मीद है।
नाउकास्ट अलर्ट: तात्कालिक खतरे का संकेत
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने नाउकास्ट अलर्ट जारी किया है, जो अगले 0 से 6 घंटे के भीतर संभावित मौसम स्थितियों के बारे में चेतावनी देता है। विशेष रूप से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।