बेंगलुरु में हत्या के शिकार गोपालगंज के तीन मजदूरों के शव पटना पहुंचे, परिजनों को 2-2 लाख मुआवजा

पटना। बेंगलुरु में हत्या के शिकार गोपालगंज के तीन मजदूरों के शव मंगलवार को पटना लाए गए। पटना एयरपोर्ट पर श्रम मंत्री संतोष कुमार मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। श्रम मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तीनों मजदूर एक निर्माण कंपनी में काम करते थे। होली के दिन वे कुछ साथियों के साथ पार्टी कर रहे थे, इसी दौरान आपसी झगड़ा बढ़ गया और मामला हत्या तक पहुंच गया। बिहार सरकार मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने का पूरा खर्च उठा रही है।
परिजनों को सरकार का आश्वासन
एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि देने के बाद मंत्री ने तीनों शवों को एंबुलेंस से गोपालगंज भेजा और कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
होली के दिन हुआ था विवाद, हत्या में दो आरोपी गिरफ्तार
गोपालगंज के तीनों युवक बेंगलुरु में मजदूरी करते थे। होली के दिन दोस्तों के साथ पार्टी के दौरान विवाद हो गया, जो इतना बढ़ गया कि साथी ने ही चाकू और रॉड से हमला कर तीनों की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में गोपालगंज के ही रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतकों की पहचान थावे थाना क्षेत्र के पिठौरी गांव निवासी राधेश्याम यादव (21), अंशु राम और दीपू कुमार (22) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी सोनू की बहन के साथ अंशु का एक साल से अफेयर चल रहा था। होली के दिन सोनू की बहन ने अंशु को कॉल किया, जिसे मजाक में उसने रिसीव कर लिया। इसी बात पर झगड़ा शुरू हुआ, जो बाद में हत्या तक पहुंच गया।
तीसरी मंजिल तक पीछा कर की हत्या
झगड़े में बीच-बचाव करने आए राधेश्याम को भी आरोपी सोनू और उसके भांजे सुधीर ने मार डाला। यह घटना एक फ्लैट के 7वीं मंजिल पर हुई। इसके बाद दीपू भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आरोपियों ने तीसरी मंजिल तक उसका पीछा किया और वहीं उसकी हत्या कर दी।